बिलासपुर। करोड़ों का कारोबार करने वाली गुटखा कंपनी राजश्री में काम करने वाले मजदूरों को दो माह से वेतन नहीं दिया गया है। लाॅक डाउन के चलते मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला, जिसके चलते कंपनी के ठेकेदार ने इन मजदूरों के लिए फैक्ट्री में ही रहने और खाने की व्यवस्था कर दी और पर्याप्त काम लिया, अब जब मजदूरों ने मेहनताना की बात की, तो मजदूरों के साथ मारपीट कर उन्हें भोजन देना भी बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि अधिकांश मजदूर उत्तरप्रदेश के हैं, जो लाॅक डाउन की वजह से अपने घर नहीं लौट पा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी नियोजकों को स्पष्ट चेताया है कि कोई भी किसी भी श्रमिक का ना तो वेतन कम करेगा और ना ही उन्हें काम से निकालेगा, लेकिन बिलासपुर स्थित राजश्री गुटखा फैक्ट्री में इन आदेशों की किस तरह धज्जियां उड़ रही है, इसकी बानगी मजदूरों के साथ ज्यादती के तौर पर सामने आई है। करीब 150 मजदूरों ने काम बंदकर फैक्ट्री के सामने प्रदर्शन शुरू किया, तब हकीकत बाहर आई कि भीतर इनसे काम लिया गया और जब इन्होंने मेहनताना की बात की, तो इन्हें मारपीट कर भगा दिया गया।

लाॅक डाउन के दौरान सभी निर्माण पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई थी, लेकिन राजश्री फैक्ट्री में चोरी-छिपे काम चलता रहा, इसका प्रमाण प्रदर्शनकारी मजदूर हैं। यूपी के इन मजदूरों की हर बात में सच्चाई है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि यह वही गुटखा फैक्ट्री है, जहां पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने छापामार कार्रवाई की थी, नाबालिगों को काम पर लिए जाने का मामला गरमाया था। बहरहाल लाॅक डाउन के तहत इस फैक्ट्री के खिलाफ अब प्रशासन को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।