भूपेश सरकार के दस महीनों में सुधरी छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवा, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट

रायपुर। भाजपा शासनकाल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की जो स्थिति थी, भूपेश सरकार के केवल दस महीनों के कार्यकाल में उस स्थिति में सुधार हुआ है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कराये गए इस सर्वे में पहले की तुलना में छत्तीसगढ़ की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। इस सर्वे से ये स्पष्ट हुआ कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुपोषण के लिए क्रांतिकारी कदम उठाये गए। आदिवासी क्षेत्रों में धरातल पर इसका क्रियान्वयन किया गया। इससे स्थिति तेजी से सुधरी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में खराब परफॉर्मेंस के चलते बीमार राज्यों की श्रेणी में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य आये हैं। नीति आयोग की एक रिपोर्ट में  स्पष्ट रूप से कही गई हैं। वही पहले की तुलना में छत्तीसगढ़ की स्थिति में सुधार आया है। इस रिपोर्ट में खराब प्रदर्शन वाले राज्यों की वार्षिक सहायता में कटौती की जायेगी। वही अपनी स्थिति में सुधार करने वाले छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को दी जाने वाली सहायता राशि में वृद्धि भी की जाएगी।

प्रदर्शन के आधार पर सूची को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें निचले पायदान पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश आए। जिन राज्यों ने अपनी स्थिति सुधारी उनमें प. बंगाल, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम रहे और सबसे अच्छा परफॉर्मेंस केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू.कश्मीर, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना का रहा। स्वास्थ्य सेवा की स्थिति का आंकलन स्वास्थ्य विभाग ने जांच के कुछ बिंदु तय किए थे। इसमें प्राइमरी हेल्थ सेंटर की रैंकिंग, रोगों से लड़ने की प्रणाली, नीति आयोग के आधार पर वृद्धिशील प्रदर्शन, मानव संसाधन प्रणाली की सुदृढ़ता, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और जिला अस्पतालों की स्थिति के आधार पर राज्य में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति का आंकलन किया गया।

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