मानव तस्करी : फिर बचाए गए 7 बच्चें ,बाल कल्याण समिति में सुरक्षित

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी के मामले कुछ दिनों पहले ही  चाइल्ड ट्रैफिकिंग के संदेह पर हावड़ा-मुंबई मेल से 33 बच्चों का रेस्क्यू किया गया। बच्चों को अपने साथ ले जाने वाले भागलपुर बिहार निवासी मोहम्मद शाकिर हुसैन ने भी बच्चों को परिजनों की मर्जी से मरदसे में एडमिशन कराने के लिए ले जाने की बात कही थी। युवक के पास वैध दस्तावेज नहीं पर बच्चों की चाइल्ड लाइन में रखा गया है। उस मामले में सीडब्ल्यूसी की जांच चल रही है।

किन्तु यह मानव तस्करी यहीं नहीं रुक रहीं हैं ताज़ा तरीन मामलें में रक्सौल हैदराबाद जाने वाली एक्सप्रेस से आरपीएफ ने 7 बच्चों सहित एक युवक को पकड़ा हैं। जिन्हे चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर दिया गया हैं। मानव तस्करी के संदेह में युवक को पकड़ा गया हैं।  हालाँकि बाल कल्याण समिति इसकी जाँच में जुट गयी हैं।

इस सम्बन्ध में आरपीएफ प्रभारी ईमेल यादव ने बताया की रक्सौल से हैदराबाद जाने वाली एस्प्रेस्स के कोच एस 8 में प्लेटफार्म गस्त के दौरान जवानों ने 7 नाबालिग बच्चों को संदिघ्ध हालत में बैठे देखा।  जिसके बाद उन बच्चों को के साथ मौजूद युवक जिसने पूछताछ के दौरान अपना नाम शमशेर अंसारी पिता काज़ी मियां निवासी ग्राम चंपा पुर थाना नारायणपुर झारखण्ड बताया। इसकी सुचना चाइल्ड लाइन को दे दी गयी। इसी बिच आरपीएफ को जानकारी मिली की उक्त ट्रैन की दूसरी बोगी में 10 बच्चें और , जो इन्ही के साथ हैं। इस बात की जानकारी मिलते तक ट्रैन रायगढ़ स्टेशन से निकल हो चुकी थी।  उन बच्चों को बिलासपुर स्टेशन पर उतार लिया गया।

बच्चों से पूछताछ के बारे में बाल संरक्षण अधिकारी दीपक डनसेना ने बताया की 7 बच्चों को बाल कल्याण समिति लाया गया हैं, जहां उनसे पूछताछ की जा रही हैं इस बात की जानकारी जब उनके परिजनों को मिली तो वे बालकल्याण समिति पहुँचे झा इस संबंध में पूछताछ की जा रही हैं कि इस मामले को संदेहास्पद मान कर जाँच की जा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *