अरामको में निवेश, अंबानी ने कहा यह इतिहास में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होगा

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज कंपनी के तेल और पेट्रोरसायन, पेट्रोल पंप कारोबार की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको को बेचेगी। ये अबतक की सबसे बड़ी FDI डील है। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने पेट्रोलपंप कारोबार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्रिटेन की बीपी कंपनी को बेचने की घोषणा की है। इन सौदों से कंपनी को 1.15 लाख करोड़ रुपये की आमदनी होगी और इस धन से वह अपना ऋण कम कर सकेगी। कंपनी की योजना अगले 18 महीने में ऋण मुक्त बनने की है। इन सौदों के लिए नियामकीय स्वीकृति लेनी होगी।

ये भी पढ़े -रिलायंस करेगी दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी पर 20 फीसदी का निवेश, पढ़े पूरी खबर…..

कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि वह अपने पेट्रोल खुदरा कारोबार (पेट्रोल पंप परिचालन) की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्रिटेन की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनी बीपी को बेचेगी।  इससे उसे 7,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। कंपनी के पास इस कारोबार में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बची रहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने तेल, रिफाइनरी और पेट्रोरसायन कारोबार की कुल 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सऊदी अरामको को बेचेगी। सऊदी अरामकों पेट्रोल पंप कारोबार में रिलायंस के पास बचे हिस्से की भी हिस्सेदार होगी।

अरामको ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के तेल, रिफाइनरी , पेट्रोरसायन कारोबार और पेट्रोलियम ईंधन के खुदरा व्यवसाय में उसकी बची हिस्सेदारी का मूल्य कुल मिलाकर 75 अरब डॉलर का आंका है। इसकी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी 15 अरब डालर बनती है। इस प्रकार रिलायंस को इन सौदों से कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये की राशि मिलेगी। इसका उपयोग वह अगले 18 महीनों में खुद को शून्य ऋण वाली कंपनी बनाने में करेगी। इन दोनों सौदों से कंपनी को अपने ऊपर 30 जून 2019 तक बकाया 2,88,243 करोड़ रुपये का ऋण कम करने में मदद मिलेगी। जबकि मार्च 2019 के अंत तक कंपनी पर 1,54,478 करोड़ रुपये का बकाया ऋण था। शून्य ऋण वाली कंपनी का आशय ऐसी कंपनी से होता है जिस पर ऋण का बोझ उसके आरक्षित नकदी भंडार से नीचे रहता है। रिलायंस समूह 2013 से इस स्थिति में नहीं आया है। 30 जून 2019 तक कंपनी पर 1,31,710 करोड़ रुपये का नकदी भंडार था।

रिलायंस समूह का कुल मूल्य 134 अरब डॉलर है। इसमें उसका दूरसंचार और खुदरा कारोबार शामिल है। अरामको के निवेश के बारे में अंबानी ने कहा, ‘‘ यह न केवल रिलायंस के इतिहास में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होगा बल्कि इसकी गिनती देश के सबसे बड़े विदेशी निवेश सौदों में होगी। ’’ अरामको के साथ समझौते के तहत दीर्घावधि में वह रिलायंस की गुजरात के जामनगर स्थित दोनों रिफाइनरियों को प्रतिदिन 5,00,000 बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति भी करेगी।

बता दे की अरामको दुनिया की सबसे बड़ी कच्चा तेल निर्यातक कंपनी है। उन्होंने कहा कि इस सौदे पर अभी नियामकीय अनुमतियां मिलना बाकी है। वहीं रिलायंस और बीपी ने पिछले हफ्ते देशभर में नए पेट्रोल पंप खोलने और विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन की खुदरा बिक्री करने के उद्देश्य से एक नये संयुक्त उपक्रम की घोषणा की थी। अभी देशभर में रिलायंस के 1,400 पेट्रोल पंप और 31 विमान ईंधन पंप हैं।  कंपनी ने पांच साल में 5,500 पेट्रोल पंप खोलने का लक्ष्य रखा है।

अंबानी ने आम सभा में कहा, ‘‘ एक नयी महत्वपूर्ण पहल के तहत बीपी ने कंपनी के पेट्रोल खुदरा कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। इससे रिलायंस को 7,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।’’  अंबानी ने कहा, ‘‘हमारे पास अगले 18 महीनों में यानी 31 मार्च 2021 तक कर्ज मुक्त कंपनी बनने की एक सुस्पष्ट रुपरेखा है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसी वित्त वर्ष में सऊदी अरामको और बीपी के साथ लेनदेन पूरा हो जाने की उम्मीद है। इससे कंपनी को 1.15 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिलने की उम्मीद है।’’ आम सभा के बाद रिलायंस के कार्यकारी निदेशक पी. एम. एस. प्रसाद ने कहा कि अरामको के साथ यह सौदा मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *