रायपुर. शून्यकाल शुरू होते ही आईटी छापा को लेकर सरकार की अस्थिरता और अन्य गतिविधियों पर आपत्ति व्यक्त करते हुए विपक्षी सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव दिया था। सत्ता पक्ष ने इसे सदन का विषय नहीं होने की बात कही। विषय को लेकर मंत्री रविन्द्र चौबे ने आपत्ति दर्ज करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति को लेकर सवाल किया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को अपने अधिकार से अवगत कराया। विपक्ष के कुछ सदस्यों ने अपनी बात रखी, इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इस बात को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई को 5 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।

प्रदेश में सेंट्रल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक साथ कई लोगों के ठिकानों पर दबिश दी थी। जिसमें कारोबारियों के साथ रायपुर महापौर और प्रदेश के अधिकारियों के ठिकाने भी शामिल थे। सदन में शून्यकाल शुरू होते ही भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने सत्ता पक्ष की आपत्ति का विरोध करते हुए स्थगन प्रस्ताव दिया था। विपक्षी सदस्य ननकी राम कंवर ने इस मामले में सत्तारूढ़ पार्टी के सभी सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने तक की बात कह दी। इस पर सत्ता पक्ष से मंत्री रविन्द्र चौबे ने आपत्ति जताई। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सुनने का अधिकार होने की बात कहते हुए मंत्री चौबे को बिठा दिया, वहीं कुछ सदस्यों की बात सुनने के बाद अध्यक्ष ने प्रस्ताव अग्राह्य करने की जानकारी से सदन को अवगत कराया। जिसे लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष के हंगामे को लेकर सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।