रायपुर। मध्यप्रदेश में बदलते समीकरण के बीच पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि सिंधिया अपने समर्थकों को अलग करके बीजेपी का समर्थन करेंगे, लेकिन ऐसा होता नही दिख रहा है क्योंकि सिंधिया के सभी समर्थक विधायकों और मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। सिंधिया समर्थकों के इस्तीफे के बाद यह भी अनुमान लगाया जा रहा था कि राज्यपाल के आने के बाद बहुमत सिद्ध करने की मांग भी बीजेपी कर सकती है, ऐसे में बीजेपी के​ लिए फ्लोर ​टेस्ट में कांग्रेस को हराकर स्वयं सरकार बनाने का दावा और फिर बहुमत सिद्ध करके सरकार बना सकती है। लेकिन अब ऐसा होता नही दिख रहा है, क्योंकि कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है, शाम 5 बजे की बैठक के बाद कांग्रेस के शेष विधायक सामूहिक इस्तीफा भी सौंप सकते हैं। जिसके बाद प्रदेश में मध्यावधि चुनाव करवाना मजबूरी हो जाएगी। क्योंकि आधे से अधिक विधायकों के इस्तीफे के बाद ऐसी निर्मित हो सकती है।