कांकेर। जो दुसरों के भला करने के लिए जरा भी ना सोचे, उनका दिल दुनिया में बहुत बड़ा होता है इन दिनों कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया  है. इंसानी दुनिया ने इस बीमारी के सामने घुटने टेक दिया है. ऐसे हालत में कांकेर के रसोई संघ ने मानवता की सबसे बड़ी मिशाल पेश की है. रसोई संघ ने छत्तीसगढ़ को संकट से उबारने के लिए एकजुटता दिखाते हुए. मुख्यमंत्री राहत कोष में  6 लाख 87 हजार रूपए कि मदद की है. आप को बता दें कि रसोइयों का वेतन इतना  कम होता है जिसे आप और हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते. इतना कम कि उन् राशी से उनका घर भी नहीं चल सकता फिर भी उन्होंन इस गंभीर हालत में मुख्यमंत्री राहत कोष में मदद कर ये साबित किया है  कि उनका दिल बहुत बड़ा है  

रसोइया संघ की सदस्य प्रभा निषाद कहती हैं कि 200 रुपए की मदद करने से हम भूखे नहीं मर जाएंगे, लेकिन मदद नहीं करेंगे तो जरूर कोई भूखा मर सकता है, जिसे देखते हुए 3 हजार 435 रसाइया संघ ने महामारी से छिड़ी जंग में सहभागिता निभाई है. इस पहल को कांकेर कलेक्टर केएल चौहान ने भी खूब सराहा है।