रायपुर। महाराष्ट्र से राजधानी रायपुर तक पहुंचने वाले 9 प्रवासी लोगों को इस दौरान किसी भी जगह पर पुलिस अथवा जिला प्रशासन के द्वारा नहीं रोका जाना, किसी तरह की पूछताछ का नहीं होना, बेहद आश्चर्य का विषय है, जबकि पूरा महाराष्ट्र इस वक्त कोरोना के प्रभाव में है। इधर भूपेश सरकार ने सख्त आदेश जारी किया है कि प्रदेश के भीतर ना तो किसी को आने की अनुमति है ना ही प्रदेश से किसी को जाने की अनुमति है। उसके बावजूद आखिर यह 9 लोग प्रदेश की सीमा के भीतर प्रवेश कैसे कर गए, यह एक बड़ा सवाल है। इसका सीधा तात्पर्य यह है कि प्रदेश की प्रवेश सीमा पर वैसी चौक से नहीं बरती जा रही है, जिसकी इस वक्त वास्तव में आवश्यकता है। सीधे तौर पर यह माना जाए कि यह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है जिसकी वजह से इन प्रवासियों ने प्रदेश की सीमा में सेंधमारी की है।

इन प्रवासी लोगों से जब पूछताछ की गई तब उन्होंने बताया कि वे नागपुर से 2 दिन पहले रवाना हुए थे और राजनांदगांव, दुर्ग होते हुए आज रायपुर पहुंचे हैं। इन प्रवासियों का यह भी कहना है कि इतने सफर के दौरान उन्हें कहीं पर भी किसी ने नहीं रोका और ना ही कोई पूछताछ हुई है। इन प्रवासियों से पूछे जाने पर इन्होंने बताया कि वे कोलकाता के लिए यात्रा पर है। वे रोजगार की तलाश में डेढ़ माह पहले नागपुर गए हुए थे, वहां पर वे कारपेंटर का काम करते थे, लेकिन लॉक डाउन की वजह से उन्हें ना तो काम मिल रहा है और ना ही भोजन की व्यवस्था हो पा रही थी इस वजह से उन्होंने कोलकाता जाने का फैसला किया और निकल पड़े।

बहरहाल इन प्रवासियों को पुलिस ने प्रशासन के हाथों सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि फिलहाल इन्हें राजधानी में ही क्वॉरेंटाइन किया जाएगा।