अंबिकापुर। एनआरसी और सीएए को लेकर जिस तरह के भ्रम का निर्माण किया गया है, देश और प्रदेश के विभिन्न समाज के लोगों को डराया जा रहा है, इन विषयों को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने पहली बार बयान जारी किया है। अंबिकापुर प्रवास के दौरान उन्होंने कहा कि देश कि किसी भी नागरिक को इन कानूनों के लागू होने से प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह केवल राजनीतिक विरोधियों का षड़यंत्र है, वे केंद्र सरकार के खिलाफ एक साजिश के तहत लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं और देश में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि आदतन देश में अशांति फैलाने का काम कर रही है। कांग्रेस देश को आगे बढ़ते नहीं देख सकती।

नागरिकता कानून संशोधन और नागरिकता पंजीयन को लेकर विवाद अब तक थम नहीं पाया है। इन विषयों को लेकर देशभर में अशांति का माहौल बना हुआ है। इस मसले पर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि इसमें राजनीतिक विरोध की आवश्यकता नहीं है, बल्कि देशहित के लिए लाया गया कानून है। इस पर सहमति व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने कहा देश में भ्रम फैलाकर कांग्रेस और कम्यूनिस्ट लोग अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। इन कानूनों से देश के किसी भी नागरिक को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उन बाहरी असमाजिक तत्वों को रोकने के लिए यह कानून लाए हैं, जिनकी वजह से देश की शांति भंग होती है।

इस दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने बताया कि न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस और उनके समर्थक दल इस तरह का भ्रम फैलाकर देश में अशांति फैला रहे हैं, लेकिन इससे किसी तरह का नतीजा नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि देश को आगे लेजाने के लिए प्रधानमंत्री कोशिश में लगे हुए हैं, पर कांग्रेस हमेशा की तरह देश की तरक्की में रोड़ा बनने का काम कर रही है, पर उन्हें इसमें सफलता नहीं मिलेगी।