रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए मंगलवार और बुधवार का दिन राहत भरा रहा। इन दो दिनों में कोरोना वायरस से संक्रमित 7 मरीज पूर्णतः स्वस्थ हुए। सभी सातों मरीज एम्स से डिस्चार्ज होकर अपने घर चले गए हैं। राज्य में अभी कोरोना के 16 संक्रमित मरीज हैं, जिनका इलाज एम्स रायपुर में चल रहा है। सभी मरीजों की स्थिति में तेजी से सुधार जारी है। छत्तीसगढ़ राज्य में 15 अप्रैल तक कोरोना वायरस के कुल 5122 संभावित व्यक्तियों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया। अभी तक 4878 के परिणाम नेगेटिव प्राप्त हुए हैं तथा 211 सैंपल की जांच जारी है। एम्स रायपुर में इलाजरत कोरोना के मरीजों में से मंगलवार को तीन मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। बुधवार शाम को एम्स हॉस्पिटल से 4 मरीजों को स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने जारी की।
राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लॉकडाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के साथ ही विदेशों एवं अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आए लोगों सहित संक्रमितों के संम्पर्क में आए लोगों को क्वॉरंटीन किया गया है। राज्य में वर्तमान में 71 हजार 495 लोग होम क्वॉरेंटाईन में है, जिनके स्वास्थ्य पर सर्विलेंस टीम द्वारा निगरानी रखी जा रही है। क्वॉरंटीन लोगों से नियम का कड़ाई से पालन करने तथा घर से बाहर न जाने की लगातार अपील की जा रही है। लॉक डाउन के दौरान जन सामान्य से भी इसका पालन करने तथा घर से बाहर निकलने पर मॉस्क, गमछा अथवा रूमाल से नाक, मुंह को अच्छे से ढंकने तथा फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखने की अपील की गई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील…..

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशभर के प्रत्येक नागरिक से अपील की है कि इस संकट की घड़ी में आप सभी का संयम ही है, जिसने सरकार का हौसला बढ़ाया है। इस संयम की आवश्यकता अभी और है। प्रदेश और देश को संबल बनाने के लिए आपका अपने घरों पर बने रहना, आवश्यक कार्य होने पर बाहर निकलने के दौरान माॅस्क का प्रयोग करना, बाहर निकलने के दौरान सोशल डिस्टेंशिंग को बनाए रखना और लौटते ही घर के अन्य सदस्यों के संपर्क में आने से पहले खुद को पूर तरह से स्वच्छ करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति इन बातों का ख्याल रखता है तो निश्चित तौर पर कोरोना महामारी के संकट से पूरा प्रदेश मुक्त हो जाएगा, जिससे हम अपने देश के लोगों की मदद कर पाएंगे।