जमीन रजिस्ट्री की संख्या में 69 की बढ़ोतरी, 45 दिनों में हुई 145 करोड़ की आय, रजिस्ट्री का रेट कम होने के बाद बढ़ी लोगों की रूचि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा जमीन की रजिस्ट्री दर घटाने से आय के स्त्रोत बढ़ने लगे हैं। इसके तहत रजिस्ट्री का रेट कम होने से लोग रोजाना बड़ी संख्या में रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच रहे हैं। ऐसे में पिछले 45 दिनों में शासन को 145 करोड़ का आय हुआ है। गौरतलब है कि भूपेश बघेल ने रणनीति बनाते हुए प्रापर्टी गाईड लाइन में तीन फीसदी की कमी की थी, जिससे बाजार में मुद्रा का चलन बढ़े और पंजीयन शुल्क के साथ ही राज्य का खजाना भी समृद्ध हो।

गौरतलब है कि  वादों को पूरा करने और समाज के अंतिम वर्ग तक लाभ पहुँचाने को संकल्पित CM भूपेश बघेल के एक प्रयास ने रंग दिखाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यह सोच सार्थक और सफल रही है, इसका प्रमाण आँकड़े दे रहे हैं। आँकड़े यह बताते हैं कि, महज़ पैंतालिस दिनों में 152 करोड़ रुपए राजस्व छत्तीसगढ के ख़ज़ाने में जमा हुआ है। याने प्रॉपर्टी गाइड लाईन दर में कमी ने छत्तीसगढ़ के बाज़ार में पूँजी को चलायमान किया है।
आँकड़ों को देखे तो पता चलता है कि, बीते वर्ष 25 जुलाई से 10 सितंबर 2018 में आय 90 करोड़ थी जबकि इसी समयावधि में इस वर्ष यह आँकड़ा 69 प्रतिशत की छलाँग लगा गया है। बीते पैंतालिस दिनों में याने जबसे प्रॉपर्टी गाईडलाईन दर में कमी और पंजीकरण शुल्क में वृद्धि हुई है, 27393 भू पंजीकरण दर्ज किए गए हैं, जबकि बीते बरस के आँकड़े की तुलना में यह आँकड़ा 9541 अधिक है।

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