10 रूपए किलो मिलने वाला प्याज क्या अब 10 रूपए प्रति नग खरीदना होगा…? देश की जनता पूछ रही सरकारों से सवाल

अभिषेक दुबे , पोर्टल हेड,  ग्रैंड न्यूज़ रायपुर
रायपुर। हरी साग-सब्जियों में प्याज के महत्व को नकारा नहीं जा सकता। आज वही प्याज हर घर की सब्जी की टोकरी से नदारद हो गया है। वजह, प्याज की कीमत है। महज दस रूपए प्रति किलो की दर से बिकने वाला प्याज आज 100 रूपए प्रति किलो की दर से बिक रहा है, लोग प्याज को देखकर रूकते हैं, छूकर देखते हैं, उसके बाद भाव पूछकर अपना सा मुंह लिए लौट जाते हैं। हालात यह है कि लोग प्याज खाने की आदत ही छोड़ देना चाह रहे हैं। देश के हर हिस्से में लोग एक ही सवाल कर रहे हैं कि क्या अब प्याज भी उन्हें 10 रूपए प्रति नग की दर से खरीदना होगा…?
सच्चाई यही है कि बीते तकरीबन एक माह से प्याज की दर स्थिर बनी हुई है। कुछ एक जगहों पर 80 रूपए तो अधिकांश जगहों पर 100 रूपए प्रति किलो की दर से प्याज बिकने के लिए आ रहा है। प्याज बेचने वालों के चेहरों पर भी ढूंढ़ने से मुस्कान नहीं मिलेगी, तो फिर खरीदने वालों की कल्पना बेशक बेमानी ही होगी।
इन सबके बीच एक ही बात बार-बार सामने आती है कि आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा….? आखिर देश का प्याज पहले देशवासियों को पहुंचाने की बजाय निर्यात क्यों किया जा रहा है…? क्यों देश और प्रदेश की सरकार प्याज के नाम पर सिक्का जमाए लोगों के गोदामों को नहीं खुलवा रही है, जो देश में निर्मित किल्लत को दूर करने की बजाए, बाहरी देशों में भेजकर मुनाफाखोरी करने में लगे हैं…?
भारत में प्याज केवल भोजन का जायका बढ़ाने मात्र के लिए नहीं, बल्कि कई अन्य बातों के लिए भी उपयोगी है। देश में ऐसे कई मरीज हैं, जिनकी जिंदगी के प्रति दिन प्याज का सेवन अति आवश्यक है, ज्यादातर भोजन और खाद्य व्यवसाय प्याज पर निर्भर है, इन तमाम समस्याओं से देश की जनता जूझ रही है, लेकिन सरकारें किसी ठोस नतीजें पर नहीं पहुंच पा रही है, जिसकी वजह से किल्लत बरकरार है और समाधान दूर-दूर नजर नहीं आ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *