रायपुर। राजधानी रायपुर में बीते दो दिनों से आवश्यक कार्याें के लिए छूट दी गई है, जिसके चलते शहर के विभिन्न सड़कों पर बड़ी तादाद में लोगों और वाहनों की भीड़ नजर आई। कुल मिलाकर स्थिति सामान्य दिनों की तरह होती नजर आ रही थी, जिससे खतरे की संभावना बढ़ने लगी थी। सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय निर्देश के मुताबिक राज्य सरकार ने 20 अप्रैल से रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर दुकानों के संचालन की छूट दी है, लेकिन जिस तरह की स्थिति नजर आई, उसे देखते हुए पुलिस को एक बार फिर सख्ती बरतना पड़ रहा है।
बुधवार सुबह से राजधानी के सभी इलाकों में पुलिस के जवानों के साथ ही अधिकारियों को पड़ताल करते देखा गया। राजधानी के सभी सीएसपी, थानेदार सहित अन्य मातहत राहगीरों को रोककर पूछताछ करते दिखे, तो अनावश्यक तफरी करने निकले लोगों को मौके पर फटकार भी लगाई गई।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में स्थिति भले ही नियंत्रण में है, लेकिन खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। ऐसे में शहर में भीड़ इकट्ठा होना किसी के हित में नहीं है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, मुख्य सचिव, डीजीपी, कलेक्टर और एसएसपी लगातार अपील कर रहे हैं कि जब तक अति आवश्यक ना हो, घरों से निकलने की कोशिश ना करें। आम लोगों को इस बात का पूरा ख्याल रखना होगा कि यह अपील किसी और के लिए नहीं, बल्कि हर शहरी के हित को ध्यान में रखकर की जा रही है।