छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। भाजपा सदस्यों के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही 25 मार्च तक स्थगित कर दी गई। शून्यकाल में भाजपा सदस्यों ने जमकर नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए। उन्होंने कार्यसूची फाड़कर आसंदी में फेंक दी। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 25 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया। भाजपा और जेसीसीजे के सदस्य गर्भगृह में धरने पर बैठ गए। विधानसभा की कार्रवाई में भाग लेने वाले प्रत्येक सदस्य को सदन में दाखिल होते ही सेनेटाइजर से हाथ धुलवाया गया, इसके बाद माॅस्क पहनाया गया।
 
कोरोना वायरस का खौफ किस कदर हावी है, इसका अंदाजा सदन के भीतर पहुंचने वाले विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य विधायकों को देखकर लगाया जा सकता है। सदन में दाखिल होते ही उन्हें सबसे पहले विधानसभा के डाॅक्टर ने सेनेटाइजर से हाथ धुलवाया, इसके बाद माॅस्क पहनाया। वास्तविकता यह है कि यह इस वक्त की मांग है। सतर्कता ही बचाव है, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में विपक्षी विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया, वहीं कार्यसूची को फाड़कर आसंदी की तरफ उछाल दिया। इतना ही नहीं, संयुक्त विपक्ष गर्भगृह में उतर आए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने आगामी 25 मार्च तक के लिए सदन की कार्रवाई को स्थगित कर दिया।