सुपरस्टार प्रभास  (Superstar Prabhas) साउथ सिनेमा (South Film Industry) में एक से बढ़कर एक फिल्में देने के बाद बॉलीवुड में भी छा गए हैं. ‘बाहुबली’ (Bahubali) के बाद तो प्रभास बॉलीवुड के सुपरस्टार्स की लिस्ट में भी शामिल हो चुके हैं. अब प्रभास की फिल्म ‘राधे श्याम’ radhe shayam आई है. सिनेमाघरों में 11 मार्च को रिलीज हुई लव स्टोरी (Love Story)  ‘राधे श्याम’ की खासियत ये है कि फिल्म तमिल तेलुगू में बनी है लेकिन इस बार प्रभास की फिल्म हिंदी में डब नहीं हुई है, बल्कि हिंदी में भी इस फिल्म को शूट किया गया है. ऐसे में हिंदी बेल्ट के प्रभास फैंस इस फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड हैं.

क्या है फिल्म ‘राधे-श्याम’ की कहानी

कहानी है हाथ की लकीरें पढ़ने वाले विक्रमादित्य (Prabhas) और डॉक्टर प्रेरणा (Pooja Hegde) की. विक्रमादित्य के हाथों में प्रेम की रेखाएं नहीं हैं ऐसी उसकी विद्या कहती है, ऐसे में प्रेम से बचने वाला विक्रमादित्य प्रेरणा के प्रेम में गिर जाता है. इधर, डॉक्टर प्रेरणा एक गंभीर बीमारी से लड़ रही है जिसके पास दो महीने से ज्यादा का वक्त भी नहीं बचा है. लेकिन विक्रमादित्य का मानना है कि प्रेरणा का मृत्युकाल अभी नहीं है. वह अभी लंबा जिएगी. अब क्या होगा? क्या विक्रमादित्य के हाथों में जो लकीरें हैं ही नहीं क्या उन लकीरों को वह खुद उकेरेगा? या जो मेडिकली प्रूव हो चुका है कि प्रेरणा के पास अब ज्यादा वक्त नहीं है, उसे गलत साबित करते हुए विक्रमादिक्य की भविष्यवाणी सत्य हो जाएगी और प्रेरणा का जीवन दो महीनों से ज्यादा का होगा? ये जानना काफी इंट्रस्टिंग होगा.

क्या अच्छा, क्या बुरा

128 मिनट की इस फिल्म को डायरेक्टर राधा कृष्णा कुमार ने बनाया है. फिल्म के कई सीन काफी ढीलाई से बनाए गए हैं. स्क्रिप्ट प्रभास की बाकी फिल्मों के मुकाबले बेहद कमजोर है. पहला भाग फिर भी रफ्तार में दौड़ता है, वहीं सेकिंड हाफ में फिल्म काफी स्लो हो जाती है. इसके अलावा फिल्म के गाने और बेहतर हो सकते थे. हालांकि फिल्म के हर स्क्रीन पर प्रभास बेहद स्मार्ट लग रहे हैं, वहीं पूजा हेगड़े की खूबसूरती भी खिलकर उभर रही है. प्रभास और पूजा एक्टिंग के मामले में भी जमकर कमाल कर रहे हैं, लेकिन डायलॉग्स और फिल्म के सीन्स मजे में बाधा साबित होते हैं.