नई दिल्ली। आरबीआई ने आर्थिक पैकेज का एलान किया है। बाजार में 50,000 करोड़ के निवेश की घोषणा के साथ ही सेंसेक्स में भी उछाल आना शुरू हो गया है। कोरोना के कारण भारतीय अर्थव्यस्था में आई सुस्ती को दूर करने के लिए बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार सुबह इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाजार में 50,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) को 25,000 करोड़ रुपए, सिडबी ( स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवेलपमेंट बैंक) को 15,000 करोड़ रुपए और एनएचबी (नेशनल हाउसिंग बैंक) को 10,000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना के कारण पूरी दुनिया एक बड़ी आर्थिक मंद की तरफ बढ़ रही है, लेकिन भारत के हालात उतने खराब नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण 9.9 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जो कि जापान और जर्मनी के संयुक्त जीडीपी से भी ज्यादा है।
आरबीआई गर्वनर दास ने बताया कि ये मंदी 1929 के ग्रेट डिप्रेशन से भी ज्यादा बड़ी आर्थिक मंदी होगी। उन्होंने कहा कि भारत में भी मार्च से हालात खराब हुए हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब सारी दुनिया में मंदी है भारतीय अर्थव्यवस्था के 1.9 फीसदी की दर से बढ़ने की बात की जा रही है। शक्तिकांत दास के अनुसार जी-20 के देशों में भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे बेहतर हालत में है। रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है जिससे बाजार में और पैसा आएगा। रिवर्स रेपो रेट 4 फीसदी से घटकर 3.75 फीसदी कर दी गई है। हालांकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में बैंकिंग सेक्टर पूरी तरह से काम कर रहा है और लगभग 91 फीसदी बैंक एटीएम भी चालू हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में कैश की कमी नहीं होने दी जाएगी। गवर्नर ने कहा कि ये कोई अंतिम घोषणा नहीं है, स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक आगे भी इस तरह की घोषणा करेगा।