रायपुर। कोरोना महामारी का संक्रमण रोकने देश भर के साथ छत्तीसगढ़ में भी लॉक डाउन है।ऐसे हालत में गरीब ,ज़रूरत मंदों की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ा है ,इसी के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित स्वयं सेवी संस्थाएं जरुरत मंदों को राशन वितरण कर रही हैं।
सोनी पिक्चर नेटवर्क के प्रति आभार व्यक्त्य करते हुए जेंटल ग्रुप के सीएमडी गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य का विषय है कि हमें विशिष्ठ् के रूप में चुना गया।
गौरतलब है कि सिख समाज के स. गुरुचरण सिंह होरा समन्वयक की भूमिका में है वे सभी स्वयं सेवी संस्थाओं से सम्पर्क स्थापित कर इस कार्य को आगे बढ़ा रहे है । 30 हजार गरीब परिवारों को राशन सामग्री बांटे जा रहे है। उनकी सहायता करने दशमेश सेवा सोसाइटी ने भी अहम भूमिका निभाई है। सोसाइटी की और से प्रतिदिन सैकड़ो लोगो को भोजन के पैकेट्स बनाकर दिए जा रहे है ।
लॉकडाउन के पहले चरण में आशाएं समाजसेवी संस्था ने 10 दिनों में 5450 लोगों को फूड पैकेट, सैनिटाइजर, साबुन, मास्क एवं 400 बैग सूखा राशन वितरित किया था। पूर्व में रायपुर जिला प्रशासन को आशाऐं समाजसेवी संस्था द्वारा 400 किग्रा चावल, 250 किग्रा आटा, 200 किग्रा आलू, 200 किग्रा प्याज, 30 लीटर तेल दिया जा चुका है। आशाएं के उक्त राशन बैग में 5 किलो चावल, 1 किलो आटा, 2 किलो दाल, 1लीटर तेल, 1 किलो नमक, 1 किलो आलू, 1 किलो प्याज, 2 नग साबुन, पारले बिस्किट रखा गया है।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सभी स्वयं सेवी संस्थाओं की सराहना की थी एवं सभी से आग्रह भी किया था कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर अपना नेक काम जारी रखें।
लॉकडाउन के दूसरे चरण में आशाएं समाज सेवी संस्था ने लगभग 1000 राशन बैग तैयार कर जरूरतमंदों को वितरण करने की तैयारी की है, जिसमें कि 650 राशन बैग 17 अप्रैल को जिला प्रशासन को रायपुर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ की मौजूदगी में सौंपा गया।
वहीं आशाएं की इस मुहिम में रायपुर के तरनजीत सिंह होरा के साथ कई प्रतिष्ठित जन इसमें शामिल हैं।