रायपुर। वक्त की मार क्या होती है, वास्तव में इसका अहसास उन्हीं को होता, जिन पर गुजरती है। वहीं मुसीबत के वक्त किसकी संवेदना काम आती है, यह तो मुसीबत की घड़ी में फंसा हुआ इंसान ही समझ सकता है। मौजूदा हालात भी कुछ इसी तरह के ही हैं, जब गरीब परिवार के लोग न केवल दाने-दाने के लिए मोहताज हैं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी पर भी आफत आ पड़ी है। ऐसे में गिरते हुए लोगों को बचाने वाले फरिश्तों की भी कमी इस धरती पर नहीं है। रायपुर में ऐसे हजारों परिवार हैं, जिनकी तकलीफों पर जिला प्रशासन को ध्यान इसलिए देना है, क्योंकि शासकीय आदेश के साथ कर्तव्य भी है। पर इस समाज में ऐसे लोग हैं, जो केवल एक आवाज पर खुले दिल से मुक्त हस्त सहयोग करने के लिए आतुर होते हैं।
कुछ ऐसे ही हालात राजधानी रायपुर में देखने को मिला, जब जिला प्रशासन ने चर्चा में सहयोग की बात कहीं और समाज के लिए कुछ कर जाने का जज्बा लिए संवेदनशील लोगों ने बगैर देर किए अपने हाथ बढ़ा दिए। जिला प्रशासन ने सहयोग मात्र की बात ही कही और ग्रेंड न्यूज के सीएमडी गुरूचरण सिंह होरा सहित मीनाक्षी ब्यूटी पार्लर की संचालिका श्रीमती मीनाक्षी टूटेजा, यूनियन क्लब के सदस्य अशोक खूबचंदानी, स्वयं सेवी संगठन आशा की किरण के संचालकगण और स्वयंसेवी संस्था आशाएं के संचालकों ने तत्काल करीब 5 हजार से ज्यादा बाल्टी, मग और चटाई की व्यवस्था कर दी। जिला प्रशासन ने मंगलवार को सहयोग की अपेक्षा जताई थी, लेकिन समाज के प्रति संवेदनशील इन प्रमुख लोगों ने कल करे सो आज कर, आज करे सो अब सूत्र वाक्य का पालन किया।