रायपुर। बीती शाम धान खरीदी मामले को लेकर विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। इस मामले को लेकर प्रदेश भाजपा की एक टीम कांकेर जिले की केशकाल पहुंची, जहां पर बड़ी संख्या में किसान घायल हुए हैं। किसानों के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई को प्रदेश भाजपा के नेताओं ने बर्बरतापूर्वक कार्रवाई कहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश की भूपेश सरकार ने ही किसानों से वादा किया है कि 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उनका एक-एक दाना धान खरीदेगी, लेकिन यही सरकार तरह-तरह से किसानों को परेशान कर रही है, ताकि ज्यादा मात्रा में धान खरीदना न पड़ जाए।
आज इसी मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह, प्रदेश भाजपाध्यक्ष विक्रम उसेंडी सहित प्रदेश के कई भाजपा नेता राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपने के लिए राजभवन पहुंचे। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश में भूपेश सरकार ने लोकतंत्र की हत्या कर दी है। यहां पर दमनकारी नीति को अपनाया जा रहा है। किसानों के हित की बात करने वाली कांग्रेस सरकार अपनी मनमानी कर रही है।
भाजपा नेताओं का यह भी आरोप है कि भूपेश सरकार ड्रामेबाज सरकार है। किसानों की आड़ लेकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जहर उगलती है, तो कभी किसानों के साथ बैठकर रोना रोती है। जब बात खुद पर आती है, तो उन्हीं किसानों पर लाठी बरसाने में भी कमी नहीं करती। राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश भाजपा ने इन बातों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों के साथ ही छोटे कारोबारी भी आतंक के साए में जी रहे हैं। किसान इन व्यापारियों को अपना धान बेचना चाहते हैं, लेकिन भूपेश सरकार ने भय का ऐसा माहौल निर्मित कर दिया है कि न तो किसान कहीं और धान बेच पा रहे हैं, न ही दूसरे व्यापारी खरीद पा रहे हैं।
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने मांग की है कि राज्य सरकार धान खरीदी को लेकर श्वेत पत्र जारी करें, धान खरीदी की समय सीमा 15 दिन और बढ़ाया जाए, सभी किसानों को टोकन जारी किया जाए और किसानों से एक एक दाना धान खरीदने के वादे को पूरा करे। लाठी चार्ज में घायल किसानों का पूरा इलाज कराया जाए, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, धान खरीदी की सीमा एक करोड़ मीट्रिक टन किया जाए। वादे के मुताबिक प्रत्येक किसान को 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तत्काल भुगतान किया जाए।