रायपुर/बिलासपुर। कोरोना के चलते लॉकडाउन है. चंद जरूरी सेवाओं को छोड़कर पूरी तरह से सबकुछ बंद है. संक्रमण से बचने सोशल डिस्टेंस से लेकर फिजिकल डिस्टेंस तक के नारे हैं. किसी का कोई कारोबार ऐसी स्थिति में नहीं चल रहा है. लेकिन इसी लॉकडाउन के बीच कई जगहों पर देह व्यापार जरूर चल रहा है. उन्हें तो न कोरोना का डर है और न सोशल डिस्टेंस या फिजिकल डिस्टेंस से मतलब. उन्हें मतलब है तो अवैध रूप से अनैतिक गतविधियों को चलाने से.

बिलासपुर पुलिस ने लॉकडाउन के बीच इस अवैध व्यापार का भांडाफोड़ किया है. पुलिस ने देह व्यापार में संलिप्त एक महिला दलाल सहित दो लड़की और एक लड़का को गिरफ्तार किया है. ये वो लोग हैं जिनके लिए फिजिकली संबंध में रहना या इस संबंध के जरिए धंधा करना ही सबकुछ है.

दरअसल बिलासपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की खमतराई इलाके में देह व्यापार चल रहा है. मुखबिर की सूचना पर एसपी प्रशांत अग्रवाल ने एएसपी ओपी शर्मा को छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए. एएसपी ओपी शर्मा ने सीएसपी निमेष बरैया, प्रशिक्षु डीएसपी अभिनव उपाध्याय और सरकंडा थाना प्रभारी शनिप रात्रे की टीम बनाई. पुलिस टीम ने अपने दो आरक्षकों को ग्राहक बनाकर भेजा. दोनों आरक्षक 500-500 रूपये का दो नोट जिसमें नीले स्याही से राइट का निशान लगा का सिरियल नम्बर नोट लेकर दलाल के पास पहुँचे. महिला ने जैसे नोट अपने हाथ में लिए पुलिस टीम ने दबिश दे दी. एएसआई शारदा सिंह महिला को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने महिला के मकान की तलाशी जहाँ से दो लड़की एक लड़का और आपत्तिजनक समान मिले.

पुलिस के मुताबिक महिला दलाल अलग-अलग जगहों से लड़कियों को बुलाकर धंधा कराती थी. पिछले 5 साल से वे देह व्यापार में जुटी है. वहीं गिरफ्तार लड़की चाँटीडीह इलाके का रहने वाला है. आरोपियों के पास 2 स्कूटी और 4 मोबाइल जब्त किया गया है.

इसी पूरी कार्रवाई में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपनिरीक्षक रामाश्रय यादव, उपनिरीक्षक सुमेन्द्र खरे, सहायक उपनिरी शारदा सिंह, प्रधान आरक्षक जीतेश सिंह, आरक्षक बलबीर सिंह, प्रमोद सिंह, आशीष राठौर, विनेन्द्र कौशिक पंकज राव भोषले, सोन पाल, इन्द्र पटेल, महिला आरक्षक बबीता श्रीवास की अहम भूमिका रही।