क्या अम्पायर के गलत निर्णय का शिकार हुए धोनी…? ईसीसी विश्व कप में बेहद करीबी मुकाबले में हार के साथ ही भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। अंडरडॉग मानी जाने वाली न्यूजीलैंड की टीम ने उसे सेमीफाइनल में 18...

ईसीसी विश्व कप में बेहद करीबी मुकाबले में हार के साथ ही भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। अंडरडॉग मानी जाने वाली न्यूजीलैंड की टीम ने उसे सेमीफाइनल में 18 रन से हरा दिया। न्यूजीलैंड की टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। दूसरी ओर, भारतीय टीम लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल हार गई। भारत की हार में एक बार की समानता रही कि 2015 की तरह 2019 के सेमीफाइनल में भी एमएस धोनी आखिर में संघर्ष करते रहे, लेकिन जीत नहीं दिला पाए। धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को रनआउट हुए और इससे एक विवाद भी खड़ा हो गया।

महेंद्र सिंह धोनी का रनआउट होना टीम इंडिया के लिए निर्णायक साबित हुआ। वे 49वें ओवर की तीसरी गेंद पर रन आउट हुए। उनके आउट होने के बाद भारत को जीत के लिए 9 गेंद पर 24 रन चाहिए थे। धोनी के आउट होने के बाद भुवनेश्वर कुमार और युजवेंद्र चहल क्रीज पर थे। जाहिर है, इन दोनों से जीत दिलाने की उम्मीद करना कुछ ज्यादा ही था। हां, अगर धोनी क्रीज पर होते तो जीत संभव थी।

एमएस धोनी 49वें ओवर की तीसरी गेंद पर दूसरा रन लेने की कोशिश में आउट हुए। उनके दूसरे रन के लिए क्रीज पर पहुंचने से पहले ही मार्टिन गप्टिल का दनदनाता थ्रो बेल्स उड़ा ले गया। टि्वटर पर एक वीडियो और मैदान का ग्राफिक्स वायरल हो रहा है, जिसके मुताबिक धोनी नो बॉल पर आउट हुए लेकिन इससे क्रिकेट फैंस का अंपायरों पर से गुस्सा कम नहीं हो रहा है। क्रिकेट फैंस खराब अंपायरिंग के लिए आईसीसी तक को दोषी ठहरा रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि अगर अंपायर नो बॉल देता तो भारत को फ्रीहिट मिलती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *