रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों को पूरी क्षमता के साथ शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है। मगर इस बीच अब कोरोना के नए वैरिएंट ने चिंताओं को बढ़ा दिया है। सोमवार को प्रदेश सरकार के मंत्री और प्रवक्ता मोहम्मद अकबर ने कहा स्कूलों को पूरी क्षमता के साथ खोले जाने के फैसले पर सरकार पुनर्विचार कर सकती है।

मीडिया ने जब कोरोना के नए वैरिएंट और स्कूलों को पूरी तरह से खोले जाने के रिस्क को जोड़ते हुए मंत्री अकबर से बात की तो उन्होंने कहा कि स्कूलों को 100 परसेंट क्षमता के साथ खोलने का फैसला मंत्री परिषद में हुआ था, लेकिन परिस्थिति वश पुनर्विचार हर चीज का हो सकता है। थोड़ा इंतजार करते हैं कुछ बातें सामने आएंगी तो फिर से विचार भी किया जाएगा।

 

छत्तीसगढ़ में पूरी क्षमता के साथ खुले स्कूल

हाल ही में भूपेश कैबिनेट ने 22 नवंबर की बैठक में छत्तीसगढ़ में पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोले जाने को लेकर फैसला हुआ। अब शिक्षा विभाग इसे लेकर आदेश जारी कर चुका है। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। सोमवार से ही स्कूल शुरू किए जाना था। हालांकि स्कूल में कोरोना गाइडलाइन का पालन पूरी तरह से करना होगा। अब तक प्रदेश में स्कूल 50% क्षमता के साथ खोले जा रहे थे। स्कूल पूरी तरह से खोलने पर तब शिक्षा मंत्री प्रेमसाय ने कहा था कि छात्रों की पढ़ाई पहले ही काफी ज्यादा प्रभावित हो चुकी है। ऐसे में अब और पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए यह फैसला लिया गया है।

 

नए वैरिएंट पर CM बघेल 

 

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर उपजी चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विदेशों से आवाजाही काे नियंत्रित करने की मांग उठाई है। मुख्यमंत्री ने कहा है, जिन देशों में कोरोना का नया वैरिएंट मिला है, वहां से आवाजाही पर रोक लगाई जानी चाहिए। रविवार को प्रदेश भर में 30 नए मरीज मिले। इनमें से 14 मरीज अकेले रायपुर और दुर्ग जिलों में पाए गए। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान यह दोनों जिले बुरी तरह प्रभावित हुए थे। रायगढ़ और कोरबा में 3-3 मरीज मिले हैं। शनिवार को रायगढ़ में 10 मरीज मिले थे। बिलासपुर और धमतरी में 2-2 और बालोद, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा और कांकेर में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है।