शहर में एक बार फिर से मंडराने लगा डायरिया का खतरा.. नालियों के बीच पेयजल की पाइप लाइन.. नगर निगम की उदासीनता से लोगों की जान खतरे में..

बिलासपुर वैसे तो छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और लगातार स्मार्ट सिटी का रूप लेता जा रहा है,, लेकिन शहर के निचले इलाकों में आज भी गन्दे पेयजल समेत अनेक तरह की समस्याएं मौजूद है इतना ही नहीं नालियों से गुजरती पेयजल की पाइप लाइन जानलेवा बीमारियों को आमंत्रित करती नजर आती है बिलासपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 25 क्रांति कुमार भारतीय नगर के मिनीमाता नगर में एक बार फिर डायरिया का खतरा पैदा होता नजर आ रहा है.. नाली और पेयजल की समस्या से जूझते वार्ड वासी 6 माह पूर्व भी डायरिया से जूझ चुके हैं,, लेकिन बावजूद इसके नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग का अमला अभी भी सतर्क नहीं नजर आ रहा है वार्ड के इस इलाके में ना तो बेहतर पेयजल की व्यवस्था है और ना ही पक्की नालियों की..

थोड़ी सी बरसात के साथ ही नालियों का गंदा पानी घरों में घुस रहा है और यहां के रहवासी नाली से होकर गुजरती पेयजल पाइपलाइन से पानी लेकर पीने को मजबूर नजर आ रहे हैं.. वार्ड वासियों की मानें तो वार्ड पार्षद भी समस्याओं को लेकर उदासीन नजर आते हैं वही मौके पर पहुंचने वाले अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर निकल जाते हैं और दोबारा वार्ड में झांकने तक की जहमत नहीं उठाते हैं.. इस वजह से क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों परिवार डायरिया के खतरे के बीच अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं..