मेडिकल कॉलेज का बुरा हाल : मरीज़ों का कोई सुध लेने वाला नहीं, चूहे पी रहे ग्लूकोज़ 

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के स्व. बलिराम कश्यप मेडिकल कॉलेज का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक मरीज बिस्तर पर लेटा हुआ है और उसे ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है, तभी ग्लूकोज बोतल के स्टैंड से एक चूहा नीचे उतरता है और मरीज के नस में लगी पाइप को कुतर देता है, इसी बीच एक और चूहा नीचे उतर कर उस पाइप से बहने वाले ग्लूकोज को पीने लगता है। इस पूरी घटना को बगल के बेड पर भर्ती दूसरे मरीज के परिजनों ने अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिया।

बस्तर संभाग स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर हमेशा से पिछड़ा ही रहा है और यही वजह है कि लगभग 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। इस मेडिकल कॉलेज सह-अस्पताल का लोकार्पण तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों करवा कर इसे स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया गया था। इस मेडिकल कॉलेज में बस्तर जिले के अलावा अन्य जिलों से मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं, जिसमें आदिवासी मरीजों की संख्या अत्यधिक होती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की ऐसी स्थिति चिंताजनक है।

इस घटना के बारे में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. यू.एस. पैंकरा से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि यह मामला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल से जुड़ा हुआ है इसकी तथ्यात्मक तौर पर जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। वहीं, अस्पताल के अधीक्षक डॉ. टीकू सिन्हा ने कहा कि अस्पताल में चूहों की समस्या काफी बढ़ी हुई है और इसी वजह से चूहों की सफाई के लिए एक निजी कंपनी को इसका टेंडर भी दिया गया है।

अब तक 1200 चूहे मारे गए हैं, पर जब मरीज को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था तब वहां किसी भी मेडिकल स्टाफ के मौजूद न होने के सवाल पर अधीक्षक का कहना है कि अस्पताल में अभी लगभग 120 स्टाफ नर्स हैं, जिससे कुछ व्यवस्थाओं में थोड़ी समस्याएं आ रही हैं पर जल्द ही और स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जानी है, जिससे सारी व्यवस्थाएं सुधार ली जाएंगी।

बस्तर संभाग के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में हो रही लापरवाही को लेकर बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार ने कहा कि अस्पताल में चूहों की समस्या बढ़ी है और उसके समाधान पर काम किया जा रहा है। उनके द्वारा लगातार महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया जा रहा है जिससे अन्य समस्याओं का भी समाधान किया जा सके।

पहले भी परिजन कर चुके हैं शिकायत

मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की यह कोई पहली तस्वीर नहीं है। इससे पहले भी कई मरीजों के परिजन अस्पताल की कई लापरवाहियां उजागर कर चुके हैं। कई बार लापरवाही की शिकायत को लेकर परिजनों और मेडिकल स्टाफ के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो चुकी है और मामला एफआईआर करवाने तक पहुंच चुका है। मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं को लेकर बस्तर के जनप्रतिनिधियों में भी कभी कोई जागरूकता नजर नहीं आई, जिसे लेकर शहरवासियों में अक्सर नाराजगी देखी जाती रही है।