छत्तीसगढ़ से लगे ओडिशा के नुआपड़ा जिले के कोमना थानाक्षेत्र अंतर्गत सुनाबेड़ा अभ्यारण्य के ढेकुनपाणी गांव में गुरुवार देर रात नक्सलियों ने गोली मारकर एक युवक की हत्या कर दी। नक्सलियों ने मुखबिरी करने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान अनंतराम राउत(44)के रूप में हुई है।

युवक की हत्या के बाद नक्सली उसके शव के साथ घटनास्थल पर कुछ पर्चे भी छोड़ गए हैं जिसमें पुलिस की मुखबिरी करने वालों को मौत की सजा दिए जाने की चेतावनी दी गई है। इधर, घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे खरियार एसडीपीओ संतक जेना के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गांव पहुंची और शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

जानकारी के अनुसार, रात को अनंतराम घर में सो रहा था। इस दौरान नक्सली उसके घर पहुंचे और उसे बाहर बुलाया। दरवाजा नहीं खोलने पर नक्सलियों ने दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की। अनंतराम के बाहर आने पर नक्सली उसे उठाकर गांव के बाहर ले गए और गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। आधी रात को गोली की आवाज से गांव में दहशत फैल गई। नक्सलियों के डर से कोई घर से बाहर नहीं निकला।

मृतक छत्तीसगढ़ के नागरा गांव का निवासी था। उसने ढेकुनपाणी की एक युवती से प्रेम विवाह किया था और लंबे समय से यही रह रहा था। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने खून से सना उसका शव पड़ा देखा। घटनास्थल पर पड़े पर्चे और मृतक की घर की दीवार पर लगाए गए पोस्टर में नक्सलियों ने लिखा है कि, अनंतराम एसपी के लिंक से एसपीओ पद पर आठ हजार रुपये महीने की पगार पर काम कर रहा था। उसका काम सुनाबेड़ा के आमामोरा क्षेत्र में नेटवर्क तैयार करना था।

एक अन्य पर्चे में नक्सलियों ने पुलिस के मुखबिरों से गांव की जनता के सामने आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन बिताने की अपील की है। आमामोरा-कुकरार में मोटरसाइकिल पर घूम घूम कर पाल(पालीथिन) बेचने वालों को भी नक्सलियों ने खुफिया विभाग का बताया है और ग्रामीणों से उन्हें मार भागने की अपील की है। ज्ञात हो कि सुनाबेड़ा में बीते कुछ महीनों से नक्सली फिर सक्रिय हो गए हैं जो वारदातों को अंजाम देकर दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। करीब दो महीने पहले सुनाबेड़ा अभयारण्य में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।