नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (National Labour Conference) को संबोधित किया। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा,’अमृत ​​काल के हमारे सपनों को पूरा करने में भारत की श्रम शक्ति अहम भूमिका निभाएगी।

‘पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श के जरिए देश के श्रम क्षेत्र को बल मिलेगा। संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए लाए गए विभिन्न योजनाओं के जरिए श्रमिकों का उत्थान होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के निर्माण के लिए हमारे जो सपने हैं, जो आकांक्षाएँ हैं, उन्हें साकार करने में भारत की श्रम शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है। पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘आज भारत फिर से दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ कर रही अर्थव्यवस्था बन चुका है, इसका बहुत बड़ा श्रेय हमारे श्रमिकों को ही जाता है। हम देख रहे हैं कि जैसे जरूरत के समय देश ने अपने श्रमिकों का साथ दिया, वैसे ही इस महामारी से उबरने में श्रमिकों ने भी पूरी शक्ति लगा दी है।’

बता दें कि दो दीवसीय राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 25 और 26 अगस्त को तिरुपति, आंध्र प्रदेश में किया जा रहा है। विभिन्न महत्वपूर्ण श्रम संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सहकारी संघवाद की भावना से सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना ने 1.5 करोड़ लोगों की रक्षा की: पीएम

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले 8 वर्षों में हमारी सरकार ने श्रम सुधार किए और साम्राज्यवादी और प्रतिगामी श्रम कानूनों को हटा दिया है। इन सुधारों के माध्यम से हमने मजदूरों के लिए मूल वेतन, स्वास्थ्य बीमा और अन्य लाभ सुनिश्चित किए गए हैं। आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी (Emergency Credit Line)  योजना ने महामारी के दौरान 1.5 करोड़ लोगों की रक्षा की।

उन्होंने आगे कहा, ‘हम फ्लेकसिबल वर्क प्लेस (Flexible Work Place) जैसी व्यवस्थाओं को महिला श्रमशक्ति की भागीदारी के लिए अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।’ पीएम मोदी ने बताया कि आधार से जुड़ा एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए असंगठित क्षेत्र के लिए ई-श्रम पोर्टल शुरू किया गया था।’