रायपुर। Mega job fair 2022 : राजधानी में विभिन्न सेक्टरों में 46 हजार नियुक्तियों के लिए आयोजित होने वाले मेगा एंप्लायमेंट फेयर में दुर्ग जिले से अब तक 5 हजार से अधिक आवेदन किए गए हैं। कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने इसमें जिले के अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि यह जिले के युवाओं के लिए भी बेहतर रोजगार अवसरों को प्राप्त करने का सुनहरा मौका है। युवाओं को इस संबंध में अधिक से अधिक जागरूक कराएं।

 

दुर्ग उपसंचालक जनशक्ति नियोजन राजकुमार कुर्रे ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से और प्रशासनिक अमले के माध्यम से अधिकाधिक लोगों तक मेगा एंप्लायमेंट फेयर की जानकारी दी जा रही है। तेजी से लोग इसमें फार्म भर रहे हैं। समीक्षा बैठक के दौरान अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई, अरविंद एक्का, जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, दुर्ग निगम आयुक्त लक्ष्मण तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

10 को अंतिम तिथि

मेगा फेयर के लिए आवेदन 10 दिसंबर तक किया जा सकता है। जो 9 सेक्टर चिन्हांकित किए गए हैं उनमें एपारेल, बैंकिंग एंड फाइनेंशियल, आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, टूरिज्म एंड हास्पिटैलिटी, लाजिस्टिक, मैन्युफेक्चरिंग, रिटेल, सिक्युरिटी आदि शामिल है। अधिक जानकारी के लिए प्रतिभागी रोजगार कार्यालय के राहुल ध्रुव के मोबाइल नंबर 83499-34093 तथा हरदेव खरे के मोबाइल नंबर 97136-50249 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

जिला स्तरीय शिविर हिर्री और औंधी में

कलेक्टर ने प्रशासन तुंहर द्वार अभियान के अंतर्गत आयोजित किए जाने वाले शिविरों में आ रहे आवेदनों के बारे में भी पूछा। धमधा ब्लाक के हिर्री में शिविर का आयोजन 8 दिसंबर तथा पाटन ब्लाक के औंधी में शिविर का आयोजन 9 दिसंबर को है। कलेक्टर ने कहा कि जो आवेदन अब तक इन शिविरों के लिए आए हैं उनका विधिवत निराकरण कर लें ताकि निराकरण के संबंध में मौके पर ही ग्रामीणों को जानकारी दी जा सके।

 

26 से ग्राम पंचायतों में हेल्थ कैंप

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत भेजे जा रहे मोबाइल मेडिकल वैन से लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रति कैंप 81 लोग आ रहे हैं। उसी तरह हाट बाजार में 111 का औसत दर्ज किया जा रहा है। 26 दिसंबर से निकुम के सभी ग्राम पंचायतों में हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे। इनमें हेल्थ चेकअप भी होगा और ग्रामीणों का हेल्थ कार्ड भी बनेगा।