रायपुर। Conference of Chamber of Commerce : सीएम भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज स्थित पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के 63वें वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश में व्यापार और उद्योग जगत के लिए विकार के द्वार खुले हुए हैं। सीएम ने छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज को रायपुर में 500 एकड़ जमीन देने की घोषणा की।

 

 कोरोना संकट के बाद यह सबसे सुनहरा समय – सीएम बघेल 

उन्होंने कहा कि इस साल फसल बहुत अच्छी हुई है। कोरोना संकट के बाद यह सबसे सुनहरा समय है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और भी बेहतर हुई है है। गांव से लेकर शहरों तक पैसे का फ्लो बहुत ही बढ़िया है। विभिन्न योजनाओं के जरिए डेढ़ लाख करोड़ रुपए गांवों तक पहुंचा है। चेंबर ऑफ कॉमर्स ने पूछा था कि हमारे लिए क्या काम किया ? तो काम ये हुआ है कि आपके ग्राहकों के जेब में पैसे डालने का काम हुआ है। खपत बढ़ेगी तो जीएसटी धीरे धीरे बढ़ेगा ही । इस साल फसल अच्छी है 88. 89 लाख मेट्रिक टन धान खरीदी कर चुके है, पिछले 4 वर्षो में 1.5 करोड़ रुपए सीधा किसानों और आम जनता के जेब में गया। व्यापारी खुश है कहते है पहले मोटा माल बेचते थे अब फाइन माल बेचते है। “गांव से लेकर शहरों तक पैसे का फ्लो बहुत बढ़िया है” सीएम ने आगे कहा कि ‘मैं जहां भी जाता हूं वहां आत्मानंद स्कूल और बैंक की मांग होती है।” विभिन्न योजनाओं के जरिये डेढ़ लाख करोड़ रुपये गांवों तक पहुँचा

 

 

 

हमारी सरकार मिलेट्स को बढ़ावा दे रही है – सीएम बघेल 

सीएम बघेल ने कहा कि लगातार एक साल तक छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर न्यूनतम रही। हमारी सरकार मिलेट्स को बढ़ावा दे रही है। रागी का हलवा और कुदकी की खीर लाजवाब होती है। मिलेट्स में बहुत से पौष्टिक तत्व होते हैं। प्रदेश में 5 हजार गौठान ऐसे हैं जिन्हें, सरकार पैसा नहीं देती है, ऐसे “गौठान स्वावलंबी हो गए हैं। व्यापारी से कहा कि वो ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का उपयोग करें।

 

 मिलेट्स में बहुत से पौष्टिक तत्व होते हैं – सीएम बघेल

 

बस्तर सरगुजा में लोग आत्मानंद स्कूल की मांग थी पर अब बैंक की आवश्यक पढ़ रही है, नए नए स्वाद शुरू किया है हमने पिछले साल 52 हजार मिलेट्स खरीदा। रागी का हलवा खा कर देखिए कुटकी की खीर खाइए ये सब बहुत स्वादिष्ट और स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। नवागांव सबसे बढ़ा प्लांट है छत्तीसगढ़ में। गोबर को लेकर बहुत मजाक बनाया जाता था लेकिन इससे भी लोग पैसा कमा रहे है। 10 हजार गोठान बन गए है और 5 हजार गोठान स्वालंबित हो गए है 2 साल के भीतर सब हो जाएगा। बहुत सारी गतिविधियां हमने शुरू की है रूरल इंडस्ट्रियल पार्क भी हम खोल रहे है ।