प्रियंका गांधी आज  मंडला आ रही हैं। दोपहर 12 बजे वे यहां एक जनसभा को संबोधित करेंगीं। मध्य प्रदेश में आचार संहिता लगने के बाद ये उनका पहला चुनावी दौरा होगा। इससे पहले वो 5 अक्टूबर को धार पहुंचीं थी। महाकौशल में 2018 के चुनावों में कांग्रेस का दबदबा रहा और वो इसे दोहराना चाहती है।

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आपको बता दे मध्य प्रदेश में 84 आदिवासी सीट और वोटर करीब 22 प्रतिशत है। ये एक बड़ा आंकड़ा है। एक दिन पहले ही शहडोल के ब्यौहारी पहुंचे राहुल गांधी ने लालकृष्ण आडवाणी का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश को आरएसएस और बीजेपी की सच्ची लेबोरेटरी कहा। उन्होने कहा कि ‘यहां बीजेपी नेता आदिवासियों के ऊपर पेशाब करते हैं।’ इसी के साथ घोषणा की कि कांग्रेस के आने पर तेंदूपत्ता की मजदूरी बढ़ाकर 4 हजार की जाएगी। राहुल भी आचार संहिता लगने के बाद पहली बार विंध्य दौरे पर पहुंचे थे।

चौंकाने वाले रहे हैं महाकौशल के नतीजे

 2013 में बीजेपी के पास 24 सीटें थी और कांग्रेस 13 पर थी, उस समय भी एक सीट निर्दलीय को मिली थी। लेकिन 2018 में समीकरण बदल गए। सीटों की संख्या वही रही मगर पार्टियां बदल गई। इसके पीछे आदिवासियों की बीजेपी से नाराजगी को वजह माना गया। यही कारण है कि इस बार बीजेपी भी आदिवासी वोटरों को लुभाने की हरसंभव कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस और राहुल गांधी जातिगत जनगणना की घोषणा कर चुके हैं और इस आधार पर भी वो आदिवासी तथा अन्य कमजोर वर्ग के हिस्सेदारी की बात कर रहे हैं। देखना होगा कि इस बार महाकौशल की जनता का क्या फैसला होता है।