मध्य प्रदेश की चर्चित डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर नहीं करने का मामला अब हाईकोर्ट जा पहुंचा है। आज  इस मामले में जबलपुर(jabalpur highcourt ) हाईकोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन आज भी डिप्टी कलेक्टर(collector ) निशा बाँगरे को राहत नहीं मिला है । इस पूरे मामले की अगले सप्ताह मामले  सुनवाई होगी  ।

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दरअसल, छतरपुर के लवकुश नगर की डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने बैतूल जिले के आमला से पदयात्रा शुरु की थी। सोमवार को 9 अक्टूबर को उनकी न्याय यात्रा भोपाल पहुंच गई थी। आमला से शुरु हुई यह यात्रा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह ग्राम जैत होते हुए 335 किलोमीटर की दूरी तय कर भोपाल पहुंची। इसके बाद भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहा पर ही पुलिस ने निशा बांगरे को रोक दिया था। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक हुई। इस नोकझोंक में डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के कपड़े फट गए थे। साथ ही उनके हाथों में मौजूद संविधान का फोटो भी फट गया।

निशा बाँगरे के इस्तीफ़े और चार्जशीट पर निर्णय लेने के निर्देश दिए
इस बीच कोर्ट ने सरकार को निशा बाँगरे के इस्तीफ़े और चार्जशीट पर निर्णय लेने के निर्देश दिए है । इस पूरे मामले में अधिवक्ता विवेक तनखा का बयान आया है वे कहते है सरकार जानबूझकर मामले में लेट लतीफ़ी कर रही अब तो चुनाव आचार संहिता जारी है आख़िर किसके कहने पर सरकार अपील पेश कर रही है, अगर दो दिनों के अंदर इस्तीफ़े पर फ़ैसला नहीं लिया गया तो सोमवार को निर्वाचन आयोग में शिकायत पेश की जाएगी नहीं  तो ये पूरा मामला SC भी ले जा सकते है । बता दे  22 जून को निशा बाँगरे ने  इस्तीफ़ा दिया था ।