केरल में covid-19 का नया वेरिएंट JN.1 का एक मामला सामने आया है वहीं एक की मौत हो गई है.  जिसके बाद वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे लेकर चिंता जताई है. वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अगर इस नए वेरिएंट से बचना है तो कोविड-19 को लेकर जो प्रोटोकॉल बनाए गए हैं उनका पालन करना बेहद जरूरी है

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पहला मामला इंडिया के केरल में मिला है. इस नए वैरिएंट JN.1 को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है. JN.1 जिस तरीके से फैल रहा है इससे चलता है कि यह या तो काफी ज्यादा संक्रामक है या हम अगर इम्युनिटी मजबूत कर लेते हैं तो इससे बचा जा सकता है. इंडिया टीवी में छपी खबर के मुताबिक  पिछले स्ट्रेन BA.2.86 और JN.1 के बीच विशेष रूप से स्पाइक प्रोटीन में एक मामूली बदलाव है और इसलिए टीके जो BA पर काम करते हैं. .2.86 को JN.1 पर भी काम करना चाहिए. यह अवलोकन जनता के लिए नए वैरिएंट JN.1 को समझने और घबराने के लिए एक बड़ी राहत है. कोरोना की वजह से दुनियाभर में सांस संबंधी बीमारियों की संख्या में वृद्धि हुई है

बचाव

SARS-CoV 2 के लिए वैक्सीन का टीका जरूर लगवाएं

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें

इन्फ्लूएंजा का वैक्सीन लें

फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सर्दी से बचाव के उपाय अवश्य करें.

कोविड के न्यू वेरिएंट के लक्षण

सांस संबंधी परेशानियां

हल्का बुखार

खांसी

नाक बंद

गले में खराश

नाक बहना

सिर दर्द

पेट में गड़बड़ी

दस्त

कोविड के नए वेरिएंट से कैसे बचें

इस वेरिएंट में भी वैक्सीन काम आ सकती है. बस याद रखें कि जो वैक्सीन वायरस के स्पाइक प्रोटीन को टारगेट करती हैं, वे JN.1 और BA.2.86 के खिलाफ भी असरदार साबित होनी चाहिए.

बाहर निकलने से पहले मास्‍क जरूर पहनें

सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें

समय समय पर हाथ धोएं