पूरे देश में इन दिनों कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों को भारी मात्रा में जांच किट की जरूरत पड़ने वाली है। इसके लिए राज्य और केंद्र दोनों ने चीनी कंपनी को आर्डर दिया था। लेकिन अब चीनी कंपनी ने फिर से आर्डर के लिए रिटेंडर जारी किया है

दरअसल आईसीएमआर ने रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट की मंजूरी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के सीजीएमएससी ने शॉर्ट टर्म टेंडर जारी किया था
टिंडर प्राप्त करने वाली कंपनी ने दलील दी है कि टेंडर में जो रेट डाला गया था वह भूलवश डाला गया था

इस टेंडर में दूसरे स्थान पर रही कंपनी ने जानकारी दी कि, मूल सप्लायर कंपनी ने किट अमेरिका भेज दिया है वहीं तीसरी कंपनी ने न्यूनतम दर पर काम करने से इंकार कर दिया। इसके साथ ही एक तकनीकी पेंच और फंसा, यह मसला था एक्साइज रेट कटौती का, जो टेंडर कॉल होने के बाद प्रभाव में आई। स्वास्थ्य विभाग के सूत्र के मुताबिक- ‘टेंडर हासिल करने वाली कंपनी ने तीस रुपए की दर भर दी और अब कह दिया कि गलती से भर दिया जबकि यह पता है कि इस दर पर काम नहीं हो सकता। हमने गलती से रेट भर दिया’ अब ज़ाहिर है कि रिटेंडर के अलावा विकल्प नहीं है। अब रिटेंडर करने पर समय और लगेगा पहले टेंडर काम करता तो दस दिन लगते सप्लाई होने जाता लेकिन अब 5 से 7 दिन और लगेंगे। आपको बता दें कि केंद्र समेत कई राज्यों ने इस किट के लिए ऑर्डर दिया था, इसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था। यह किट केवल तीस मिनट में कोविड 19 की जाँच कर सकती है।