झारखंड में चल रहे सियासी संकट को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर महागठबंधन के विधायकों की बैठक  हुई। बैठक के बाद शनिवार को तीन बसों में सवार होकर किसी अज्ञात गंतव्य के लिए रवाना होते देखे गए। इसके बाद लतरातू डैम पहुंचे मुख्यमंत्री और विधायकों ने बोटिंग का लुत्फ उठाया। माना जा रहा है कि सीएम हेमंत सोरेन इस वक्त मुश्किलों की मझधार से गुजर रहे हैं, लेकिन इस बोट राइड से उन्होंने विपक्षियों को अपनी मजबूती का संदेश दिया है।

एक नेता ने बताया था, ‘अगर जरूरत पड़ी तो सभी सत्तारूढ़ विधायकों को एक ही गंतव्य पर भेजा जाएगा। सभी विधायक अपना सामान लेकर मुख्यमंत्री आवास पर महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने आए हैं।’

राज्यपाल रमेश बैस के कार्यालय में सूत्रों ने बताया कि शनिवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को विधायक के रूप में सोरेन की अयोग्यता का आदेश भेजने की संभावना है।

चुनाव आयोग ने गुरुवार को राज्यपाल बैस को एक याचिका पर अपनी राय भेजी थी। सीएम सोरेन को एक खनन पट्टे का विस्तार करके चुनावी मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए विधायक के रूप में अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। मामले में याचिकाकर्ता भाजपा ने सोरेन को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।

इसी बीच सीएम सोरेन ने ट्वीट किया, ‘हमारे विरोधी राजनीतिक रूप से हमसे मुकाबला करने में असमर्थ हैं। वे संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग कर रहे हैं। लेकिन हम चिंतित नहीं हैं। यह वे लोग हैं जिन्होंने हमें कुर्सी दी है। आप जो कर सकते हैं करो, मेरे लोगों के लिए मेरा काम कभी नहीं रुक सकता।

कांग्रेस ने कहा है कि वह सोरेन को सर्वसम्मति के उम्मीदवार के रूप में समर्थन देगी। कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम ने कहा, ‘हमारा गठबंधन मजबूत है। हम हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री के रूप में समर्थन देंगे।

सीएम सोरेन को चुनाव लड़ने से रोक नहीं दिया गया है। भाजपा ने नए सिरे से चुनाव का आह्वान किया है और मुख्यमंत्री से “नैतिक आधार पर” इस्तीफा देने के लिए कहा है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया, ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सूत्रों के अनुसार कुछ विधायक सुबह दो बजे लातूर पहुंचे। अधिकांश विधायक जाने से हिचक रहे हैं और झामुमो के वरिष्ठ नेता बसंत सोरेन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। कुछ बसें हैं विधायकों के लिए रांची में खड़ी है।’

81 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 49 विधायक हैं। सबसे बड़ी पार्टी झामुमो के 30 विधायक, कांग्रेस के 18 विधायक और तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक विधायक हैं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के पास 26 विधायक हैं। मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने दावा किया था कि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 50 विधायक हैं (अध्यक्ष सहित जो 56 तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा से “रिसॉर्ट राजनीति” सीखी है।