नई दिल्ली : Kanjhawala Case : एक जनवरी की रात दिल्ली के सुल्तानपुरी में अंजलि सिंह की स्कूटी को नए साल वाली रात को एक कार ने ठोकर मार दी थी और हादसे के बाद वह कार में फंसकर 12 किलोमीटर तक घिसटती गई थी. उसका शव बाहरी दिल्ली के कंझावला में मिला था.वहीं इस हादसे में शामिल छठे आरोपी को दिल्ली पुलिस ने आज शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है।

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बताया जा रहा है कि आशुतोष की ही बलेनो कार है। जिससे अंजलि का एक्सीडेंट हुआ था और उसे 12 किमी तक घसीटा गया था। आशुतोष पर उन लोगों को बचाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो उस कार में घटना के दौरान मौजूद थे।

मामले के सातवें आरोपी अंकुश अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि पहले से गिरफ्तार पांच आरोपियों में कार चलाने का दावा करने वाला दीपक खन्ना हादसे के वक्त कार में नहीं बल्कि अपने घर में था। इस बात की पुष्टि उसके परिजनों और पड़ोसियों ने भी की है। जांच में पता चला है कि दीपक रविवार को पूरे दिन अपने घर पर रहा था. इस मामले में पुलिस ने पहले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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पुलिस ने गुरुवार को कहा कि आरोपी को बचाने में आशुतोष और अंकुश खन्ना की संलिप्तता CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड के माध्यम से साबित हुई है। जैसा कि पहले सोचा गया था कि चार नहीं बल्कि पांच आदमी बलेनो में थे, जिन्होंने अंजलि के स्कूटर को टक्कर मारी और उसे खींच कर मार डाला। जांचकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि पांचवां गिरफ्तार संदिग्ध दीपक कार में नहीं था जब उसने सुल्तानपुरी में महिला को टक्कर मारी।

पुलिस आयुक्त चिन्मय बिस्वाल ने गुरुवार को कहा कि दुर्घटना के समय दीपक घर पर था और फोन कॉल के माध्यम से दुर्घटना के बारे में सूचित किया गया था। कार अमित खन्ना चला रहा था।